आज का पंचांग 23 मार्च 2026 | सोमवार | तिथि पंचमी, नक्षत्र कृत्तिका, राहु काल, शुभ मुहूर्त | ShreeGangaSagar

23 मार्च 2026 सोमवार का सम्पूर्ण पंचांग – तिथि पंचमी/षष्ठी, नक्षत्र कृत्तिका/रोहिणी, राहु काल 07:53 से 09:25, ब्रह्म मुहूर्त 04:47 से 05:35 और धार्मिक
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आज का पंचांग 23 मार्च 2026 (सोमवार) — तिथि, नक्षत्र, राहु काल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

🙏 जय श्री गंगे! आज 23 मार्च 2026, सोमवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, पंचमी तिथि है। सोमवार को भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। इस लेख में 23 मार्च 2026 का सम्पूर्ण पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व विस्तार से पढ़ें।

⚡ आज का पंचांग — एक नज़र में

दिन
सोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी → षष्ठी
नक्षत्र
कृत्तिका → रोहिणी
योग
विष्कम्भ → प्रीति
करण
बव → बालव → कौलव → तैतिल
पक्ष
शुक्ल पक्ष
सूर्योदय
06:22 प्रातः
सूर्यास्त
06:34 सायं
चन्द्रोदय
09:00
चन्द्रास्त
11:25 सायं
चन्द्र राशि
वृषभ (Taurus)
विक्रम संवत
2083 सिद्धार्थी

📜 23 मार्च 2026 का सम्पूर्ण पंचांग

पंचांग तत्वविवरणसमयावधि
तिथिशुक्ल पंचमी06:38 सायं तक
तिथि (बाद में)शुक्ल षष्ठीउसके बाद
नक्षत्रकृत्तिका08:49 सायं तक
नक्षत्र (बाद में)रोहिणीउसके बाद
योगविष्कम्भ12:22 दोपहर तक
योग (बाद में)प्रीतिउसके बाद
करणबव → बालव → कौलव → तैतिल
वारसोमवार
पक्षशुक्ल पक्ष, चैत्र मासविक्रम संवत 2083

🌅 सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चन्द्र समय

घटनासमय
🌄 सूर्योदय06:22 प्रातः
🌇 सूर्यास्त06:34 सायं
🌕 चन्द्रोदय09:00
🌑 चन्द्रास्त11:25 सायं
🌿 दिन की अवधि12 घंटे 12 मिनट 03 सेकेण्ड
🌙 रात की अवधि11 घंटे 46 मिनट 46 सेकेण्ड
☀️ मध्याह्न12:28 दोपहर

✅ 23 मार्च 2026 के शुभ मुहूर्त

🌟 आज के प्रमुख शुभ समय

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त04:47 से 05:35 प्रातः
प्रातः सन्ध्यासूर्योदय से पहले
अभिजित मुहूर्त12:03 से 12:52 दोपहर
विजय मुहूर्त02:30 से 03:19 दोपहर
गोधूलि मुहूर्त06:33 से 06:56 सायं
अमृत काल06:37 से 08:05 सायं

💡 पूजा के लिए सर्वोत्तम समय: ब्रह्म मुहूर्त (04:47 से 05:35) में उठकर स्नान व ध्यान करें। विजय मुहूर्त (02:30 से 03:19) में महत्त्वपूर्ण निर्णय लें। चैत्र नवरात्रि के लिए नवरात्रि 2026 पूजा विधि अभी तैयार करें।

⚠️ 23 मार्च 2026 के अशुभ समय

🚫 आज के अशुभ काल

अशुभ कालसमय
राहु काल ⚠️07:53 से 09:25
गुलिकाई कालम01:59 से 03:31 दोपहर
यमगण्ड10:56 से 12:28 दोपहर
दुर्मुहूर्त12:52 से 01:41 दोपहर

⚠️ राहु काल (07:53 से 09:25) में कोई भी शुभ या नया कार्य आरम्भ न करें। यात्रा, निवेश, विवाह-विचार, गृह-प्रवेश इस समय वर्जित हैं।

🌙 राशि और नक्षत्र — 23 मार्च 2026

विवरणराशि/नक्षत्रसमय
चन्द्र राशि (मूनसाइन)वृषभ (Taurus)
सूर्य राशि (Sunsign)मीन → मेष (संक्रमण)
चन्द्र नक्षत्रकृत्तिका → रोहिणी08:49 सायं तक
सूर्य नक्षत्रउत्तर भाद्रपद / रेवती
विक्रम संवत2083 सिद्धार्थी

🧭 दिशा शूल — 23 मार्च 2026

🧭 दिशा शूल: आज सोमवार को पूर्व (सोमवार) दिशा में यात्रा अशुभ है। अत्यावश्यक हो तो दही-चीनी खाकर और भगवान का स्मरण करके निकलें।

🔱 23 मार्च 2026 का धार्मिक महत्व

सोमवार — भगवान शिव का दिन

सोमवार को भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है। जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और शिव चालीसा का पाठ करें। महाशिवरात्रि 2026 — शिव भक्ति और पूजा विधि पढ़ें।

शुक्ल पंचमी/षष्ठी — नाग पंचमी सन्दर्भ

शुक्ल पंचमी सरस्वती और नागदेव की उपासना के लिए शुभ है। षष्ठी तिथि कार्तिकेय/स्वामी को समर्पित है।

चैत्र नवरात्रि — आगामी महापर्व

चैत्र नवरात्रि का महापर्व शीघ्र आ रहा है। चैत्र नवरात्रि 2026 — पूजा विधि और कलश स्थापना पढ़ें। Chaitra Navratri 2026 Complete Guide (English में) भी पढ़ें।


❓ FAQ — 23 मार्च 2026 पंचांग

Q1. 23 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल पक्ष पंचमी सायं 06:38 तक, उसके बाद षष्ठी

Q2. 23 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?

कृत्तिका नक्षत्र 08:49 सायं तक, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र

Q3. 23 मार्च 2026 को राहु काल कब है?

प्रातः 07:53 से 09:25 बजे तक।

Q4. 23 मार्च 2026 को ब्रह्म मुहूर्त कब है?

प्रातः 04:47 से 05:35 बजे तक।

Q5. सोमवार को कौन सी पूजा करें?

सोमवार को शिवजी की पूजा, जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पण करें।


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