आज का पंचांग 22 मार्च 2026 | रविवार | तिथि चतुर्थी, नक्षत्र भरणी/कृत्तिका, राहु काल, शुभ मुहूर्त | ShreeGangaSagar
आज का पंचांग 22 मार्च 2026 (रविवार) — तिथि, नक्षत्र, राहु काल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
🙏 जय श्री गंगे! आज 22 मार्च 2026, रविवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी तिथि है। रविवार को भगवान सूर्यनारायण की आराधना का विशेष महत्व है। आज का सम्पूर्ण पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व यहाँ पढ़ें।
⚡ आज का पंचांग — एक नज़र में
📜 22 मार्च 2026 का सम्पूर्ण पंचांग
| पंचांग तत्व | विवरण | समयावधि |
|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल चतुर्थी | रात 09:16 बजे तक |
| तिथि (बाद में) | शुक्ल पंचमी | 09:16 के बाद |
| नक्षत्र | भरणी | दोपहर 10:42 बजे तक |
| नक्षत्र (बाद में) | कृत्तिका | 10:42 के बाद |
| योग | वैधृति | दोपहर 03:42 बजे तक |
| योग (बाद में) | विष्कम्भ | 03:42 के बाद |
| करण | वणिज → विष्टि → बव | क्रमशः |
| वार | रविवार | — |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष | — |
🌅 सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चन्द्र समय
| घटना | समय |
|---|---|
| 🌄 सूर्योदय | 06:23 प्रातः |
| 🌇 सूर्यास्त | 06:33 सायं |
| 🌕 चन्द्रोदय | 08:15 प्रातः |
| 🌑 चन्द्रास्त | 10:15 सायं |
| 🌿 दिन की अवधि | 12 घंटे 10 मिनट 20 सेकेण्ड |
| 🌙 रात की अवधि | 11 घंटे 48 मिनट 30 सेकेण्ड |
| ☀️ मध्याह्न | 12:28 दोपहर |
✅ 22 मार्च 2026 के शुभ मुहूर्त
🌟 आज के प्रमुख शुभ समय
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:48 से 05:36 प्रातः |
| प्रातः सन्ध्या | 05:12 से 06:23 प्रातः |
| अभिजित मुहूर्त | 12:04 से 12:53 दोपहर |
| विजय मुहूर्त | 02:30 से 03:19 दोपहर |
| गोधूलि मुहूर्त | 06:32 से 06:56 सायं |
| सायंकाल सन्ध्या | 06:33 से 07:44 सायं |
| अमृत काल | 06:17 से 07:46 दोपहर |
| निशिता मुहूर्त | 12:04 से 12:51 रात (23 मार्च) |
💡 रविवार विशेष: आज सूर्योदय से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त (04:48–05:36) में उठकर सूर्य नमस्कार करें। अभिजित मुहूर्त (12:04–12:53) नये कार्य और यात्रा के लिए सर्वोत्तम है। चार धाम यात्रा 2026 की योजना के लिए यह शुभ समय उपयोग करें।
⚠️ 22 मार्च 2026 के अशुभ समय
🚫 आज के अशुभ काल
| अशुभ काल | समय |
|---|---|
| राहु काल ⚠️ | 05:02 सायं से 06:33 सायं |
| गुलिकाई कालम | 03:31 दोपहर से 05:02 सायं |
| यमगण्ड | 12:28 दोपहर से 01:59 दोपहर |
| वरज्यम | 09:27 से 10:56 प्रातः |
| दुर्मुहूर्त | 04:56 से 05:45 दोपहर |
| ज्वालामुखी योग | 09:16 से 10:42 दोपहर |
| भद्रा (रोग) | 02:07 प्रातः (23 मार्च) से पूर्णरात्रि |
⚠️ राहु काल सायं 05:02–06:33 — यह सूर्यास्त के ठीक पहले का समय है। संध्या पूजा इस समय के बाद करें। वैधृति योग भी आज दोपहर तक है जो महत्त्वपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल नहीं।
🌙 राशि और नक्षत्र — 22 मार्च 2026
| विवरण | विवरण | समय |
|---|---|---|
| मूनसाइन | मेष → वृषभ | 04:14 प्रातः (23 मार्च) से |
| सूर्य राशि | मीन | — |
| चन्द्र नक्षत्र | भरणी → कृत्तिका | 10:42 दोपहर तक → बाद में |
| सूर्य नक्षत्र | उत्तर भाद्रपद | — |
भरणी नक्षत्र शुक्र के अधिपत्य में है — सृजन और परिवर्तन का प्रतीक। कृत्तिका नक्षत्र अग्नि देवता का नक्षत्र है — शुद्धि और तेज का सूचक। आज विष्कम्भ योग दोपहर बाद आता है जो कार्य की गति में सहायक है।
🔱 22 मार्च 2026 का धार्मिक महत्व
रविवार — भगवान सूर्य का दिन
रविवार को भगवान सूर्यनारायण की पूजा करने से आरोग्य, यश और तेज की प्राप्ति होती है। प्रातःकाल सूर्योदय के समय जल अर्पित करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और लाल फूल, लाल चन्दन अर्पित करें।
शुक्ल चतुर्थी — विनायक चतुर्थी
शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। यह भगवान गणेश की विशेष तिथि है। आज गणेश जी की पूजा में मोदक, दूर्वा और लाल फूल अर्पित करें। व्यापार और शिक्षा में सफलता के लिए यह तिथि अत्यन्त फलदायी है।
चैत्र नवरात्रि की तैयारी
चैत्र नवरात्रि आने वाली है। चैत्र नवरात्रि 2026 — पूजा विधि और कलश स्थापना मुहूर्त अभी पढ़ें। माँ दुर्गा के 9 रूप और 9 चमत्कार भी अवश्य पढ़ें।
🧭 दिशा शूल एवं निवास — 22 मार्च 2026
| विवरण | दिशा/स्थान |
|---|---|
| दिशा शूल | पश्चिम (West) — रविवार |
| चन्द्र वास | पूर्व (04:14 तक, 23 मार्च) → दक्षिण (04:14 से, 23 मार्च) |
| राहु वास | उत्तर |
| शिवावास | क्रीड़ा में (09:16 तक) → कैलाश पर |
🧭 आज रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा अशुभ है। अत्यावश्यक हो तो दही-चीनी खाकर और सूर्य भगवान का स्मरण करके निकलें।
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❓ FAQ — 22 मार्च 2026 पंचांग
Q1. 22 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल पक्ष चतुर्थी रात 09:16 बजे तक और उसके बाद पंचमी तिथि।
Q2. 22 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
भरणी नक्षत्र दोपहर 10:42 तक, उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र।
Q3. 22 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
सायं 05:02 से 06:33 बजे तक। इस समय शुभ कार्य न करें।
Q4. 22 मार्च 2026 को ब्रह्म मुहूर्त कब है?
प्रातः 04:48 से 05:36 बजे तक।
Q5. रविवार को कौन सी पूजा करें?
रविवार को सूर्यनारायण की पूजा, सूर्य को जल अर्पण और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
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