आज का पंचांग 25 मार्च 2026 | बुधवार | तिथि सप्तमी, नक्षत्र मृगशिरा, राहु काल, शुभ मुहूर्त | ShreeGangaSagar
आज का पंचांग 25 मार्च 2026 (बुधवार) — तिथि, नक्षत्र, राहु काल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
🙏 जय श्री गंगे! आज 25 मार्च 2026, बुधवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, सप्तमी तिथि है। बुधवार को गणेश जी की आराधना का विशेष महत्व है। इस लेख में 25 मार्च 2026 का सम्पूर्ण पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व विस्तार से पढ़ें।
⚡ आज का पंचांग — एक नज़र में
📜 25 मार्च 2026 का सम्पूर्ण पंचांग
| पंचांग तत्व | विवरण | समयावधि |
|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल सप्तमी | 01:50 दोपहर तक |
| तिथि (बाद में) | शुक्ल अष्टमी | उसके बाद |
| नक्षत्र | मृगशिरा | 05:33 दोपहर तक |
| नक्षत्र (बाद में) | आर्द्रा | उसके बाद |
| योग | सौभाग्य | 03:09 प्रातः (26 मार्च) तक |
| योग (बाद में) | शोभन | उसके बाद |
| करण | वणिज → विष्टि → बव | — |
| वार | बुधवार | — |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष, चैत्र मास | विक्रम संवत 2083 |
🌅 सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चन्द्र समय
| घटना | समय |
|---|---|
| 🌄 सूर्योदय | 06:20 प्रातः |
| 🌇 सूर्यास्त | 06:35 सायं |
| 🌕 चन्द्रोदय | 10:53 |
| 🌑 चन्द्रास्त | 01:35 रात (26 मार्च) |
| 🌿 दिन की अवधि | 12 घंटे 15 मिनट 30 सेकेण्ड |
| 🌙 रात की अवधि | 11 घंटे 43 मिनट 19 सेकेण्ड |
| ☀️ मध्याह्न | 12:27 दोपहर |
✅ 25 मार्च 2026 के शुभ मुहूर्त
🌟 आज के प्रमुख शुभ समय
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:45 से 05:33 प्रातः |
| प्रातः सन्ध्या | सूर्योदय से पहले |
| विजय मुहूर्त | 02:30 से 03:19 दोपहर |
| गोधूलि मुहूर्त | 06:34 से 06:57 सायं |
| अमृत काल | 09:19 से 10:48 |
💡 पूजा के लिए सर्वोत्तम समय: ब्रह्म मुहूर्त (04:45 से 05:33) में उठकर स्नान व ध्यान करें। विजय मुहूर्त (02:30 से 03:19) में महत्त्वपूर्ण निर्णय लें। चैत्र नवरात्रि की तैयारी के लिए पूजा कक्ष सेटअप गाइड 2026 पढ़ें।
⚠️ 25 मार्च 2026 के अशुभ समय
🚫 आज के अशुभ काल
| अशुभ काल | समय |
|---|---|
| राहु काल ⚠️ | 12:27 से 01:59 दोपहर |
| गुलिकाई कालम | 10:55 से 12:27 दोपहर |
| यमगण्ड | 07:51 से 09:23 |
| दुर्मुहूर्त | 12:03 से 12:52 दोपहर |
⚠️ राहु काल (12:27 से 01:59 दोपहर) में कोई भी शुभ या नया कार्य आरम्भ न करें। यात्रा, निवेश, विवाह-विचार, गृह-प्रवेश इस समय वर्जित हैं।
🌙 राशि और नक्षत्र — 25 मार्च 2026
| विवरण | राशि/नक्षत्र | समय |
|---|---|---|
| चन्द्र राशि (मूनसाइन) | मिथुन (Gemini) | — |
| सूर्य राशि (Sunsign) | मीन → मेष (संक्रमण) | — |
| चन्द्र नक्षत्र | मृगशिरा → आर्द्रा | 05:33 दोपहर तक |
| सूर्य नक्षत्र | उत्तर भाद्रपद / रेवती | — |
| विक्रम संवत | 2083 सिद्धार्थी | — |
🧭 दिशा शूल — 25 मार्च 2026
🧭 दिशा शूल: आज बुधवार को उत्तर (बुधवार) दिशा में यात्रा अशुभ है। अत्यावश्यक हो तो दही-चीनी खाकर और भगवान का स्मरण करके निकलें।
🔱 25 मार्च 2026 का धार्मिक महत्व
बुधवार — भगवान गणेश और बुध ग्रह का दिन
बुधवार को भगवान गणेश की पूजा और बुध ग्रह की शान्ति के उपाय करें। हरी सब्जियाँ, मूँग दाल और हरे वस्त्र का दान करें। व्यापार और शिक्षा के लिए यह दिन अत्यन्त शुभ है।
शुक्ल अष्टमी — दुर्गाष्टमी
शुक्ल अष्टमी माँ दुर्गा की विशेष तिथि है। आज माँ दुर्गा के 9 रूप की पूजा और माँ महागौरी की आराधना करें।
चैत्र नवरात्रि — आगामी महापर्व
चैत्र नवरात्रि का महापर्व शीघ्र आ रहा है। चैत्र नवरात्रि 2026 — पूजा विधि और कलश स्थापना पढ़ें। Chaitra Navratri 2026 Complete Guide (English में) भी पढ़ें।
🔗 सम्बंधित लेख पढ़ें
- आज का पंचांग 24 मार्च 2026
- आज का पंचांग 26 मार्च 2026
- चैत्र नवरात्रि 2026 — पूजा विधि और कलश स्थापना
- राम नवमी 2026 — तिथि, मुहूर्त और हिंदू नववर्ष
- हनुमान चालीसा — सम्पूर्ण पाठ और लाभ
- एकादशी व्रत 2026 — सम्पूर्ण सूची और विधि
- Char Dham Yatra 2026 — Complete Guide
- 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा गाइड
- हिंदू कैलेण्डर 2026
❓ FAQ — 25 मार्च 2026 पंचांग
Q1. 25 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल पक्ष सप्तमी 01:50 दोपहर तक, उसके बाद अष्टमी।
Q2. 25 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?
मृगशिरा नक्षत्र 05:33 दोपहर तक, उसके बाद आर्द्रा।
Q3. 25 मार्च 2026 को राहु काल कब है?
दोपहर 12:27 से 01:59 बजे तक।
Q4. 25 मार्च 2026 को ब्रह्म मुहूर्त कब है?
प्रातः 04:45 से 05:33 बजे तक।
Q5. बुधवार को कौन सी पूजा करें?
बुधवार को गणेश जी की पूजा और बुध ग्रह की शान्ति के लिए हरे मूँग का दान करें।
👉 आज का पंचांग — सभी लेख | 👉 इस माह के व्रत और त्यौहार | 👉 एकादशी व्रत कथा | 👉 तीर्थ स्थल
🙏 ShreeGangaSagar.com पर प्रतिदिन आज का पंचांग पढ़ें। ब्लॉग को बुकमार्क करें और परिवार के साथ साझा करें। "जय माँ गंगे। हर हर महादेव।"

वार्तालाप में शामिल हों