आज का पंचांग 20 मार्च 2026 | शुक्रवार | तिथि, नक्षत्र, राहु काल, शुभ मुहूर्त | ShreeGangaSagar

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आज का पंचांग 20 मार्च 2026 (शुक्रवार) — तिथि, नक्षत्र, राहु काल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

🙏 जय श्री गंगे! आज 20 मार्च 2026, शुक्रवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन/चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, द्वितीया तिथि है। आज का दिन माँ लक्ष्मी की आराधना और नवीन कार्यारम्भ के लिए अत्यन्त शुभ माना जाता है। इस लेख में आपको 20 मार्च 2026 का सम्पूर्ण पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहु काल, शुभ मुहूर्त और आज का धार्मिक महत्व विस्तार से मिलेगा।

⚡ आज का पंचांग — एक नज़र में

दिन
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया → तृतीया
नक्षत्र
रेवती → अश्विनी
योग
ब्रह्म → इन्द्र
करण
बालव → कौलव → तैतिल
पक्ष
शुक्ल पक्ष
सूर्योदय
06:25 प्रातः
सूर्यास्त
06:32 सायं
चन्द्रोदय
07:00 प्रातः
चन्द्रास्त
07:59 सायं
मूनसाइन
मीन (02:27 तक) → मेष
विक्रम संवत
2083 सिद्धार्थी

📜 20 मार्च 2026 का सम्पूर्ण पंचांग विवरण

पंचांग तत्वविवरणसमयावधि
तिथिशुक्ल द्वितीयारात 02:30 बजे तक (21 मार्च)
तिथि (बाद में)शुक्ल तृतीया02:30 बजे के बाद
नक्षत्ररेवतीप्रातः 02:27 बजे तक
नक्षत्र (बाद में)अश्विनी02:27 बजे के बाद
योगब्रह्मरात 10:15 बजे तक
योग (बाद में)इन्द्र10:15 बजे के बाद
करणबालवप्रातः 03:43 बजे तक
करणकौलवदोपहर 10:15 के बाद
करणतैतिलरात 12:38 के बाद
पक्षशुक्ल पक्ष
वारशुक्रवार (शुक्रवासर)

🌅 सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चन्द्र समय

घटनासमय
🌄 सूर्योदय (Sunrise)06:25 प्रातः
🌇 सूर्यास्त (Sunset)06:32 सायं
🌕 चन्द्रोदय (Moonrise)07:00 प्रातः
🌑 चन्द्रास्त (Moonset)07:59 सायं
🌿 दिन की अवधि12 घंटे 06 मिनट 53 सेकेण्ड
🌙 रात की अवधि11 घंटे 51 मिनट 57 सेकेण्ड

✅ 20 मार्च 2026 के शुभ मुहूर्त

किसी भी शुभ कार्य, पूजा, व्यवसाय आरम्भ या यात्रा के लिए नीचे दिये गये मुहूर्त विशेष लाभकारी हैं —

🌟 आज के प्रमुख शुभ समय

मुहूर्त / शुभ कालसमय
ब्रह्म मुहूर्त04:50 प्रातः से 05:38 प्रातः
प्रातः सन्ध्या05:14 प्रातः से 06:25 प्रातः
गोधूलि मुहूर्त06:30 सायं से 06:54 सायं
विजय मुहूर्त02:30 दोपहर से 03:18 दोपहर
सायंकाल सन्ध्या06:32 सायं से 07:43 सायं
अमृत सिद्धि योग06:25 प्रातः से 02:27 प्रातः (21 मार्च)
सर्वार्थ सिद्धि योगसम्पूर्ण दिन
निशिता मुहूर्त12:04 रात से 12:52 रात (21 मार्च)
अमृत काल06:25 प्रातः से 02:27 प्रातः

💡 पूजा एवं नये कार्य के लिए: आज ब्रह्म मुहूर्त (04:50–05:38) में उठकर स्नान व पूजन करें। नया व्यापार, गृह प्रवेश या विवाह मुहूर्त के लिए विजय मुहूर्त (02:30–03:18) सर्वश्रेष्ठ है। शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

⚠️ 20 मार्च 2026 के अशुभ समय — इनसे बचें

🚫 आज के अशुभ काल

अशुभ कालसमय
राहु काल ⚠️10:58 प्रातः से 12:29 दोपहर
आदाल योग / अदल कालम06:25 प्रातः से 02:27 प्रातः (21 मार्च)
गुलिकाई कालम07:56 प्रातः से 09:27 प्रातः
यमगण्ड03:30 दोपहर से 05:01 सायं
वर्ज्यम03:16 दोपहर से 04:46 दोपहर
दुर्मुहूर्त08:51 प्रातः से 09:39 प्रातः
दुर्मुहूर्त (2)12:53 दोपहर से 01:41 दोपहर
विदाल योग02:27 प्रातः से 06:24 प्रातः
गण्ड मूलसम्पूर्ण दिन (रेवती-अश्विनी सन्धि)
पंचक06:25 प्रातः से 02:27 प्रातः (21 मार्च)
भद्रा / बाणरात 01:48 से पूर्णिमा तक

⚠️ राहु काल (10:58 – 12:29) में कोई भी नया, शुभ या महत्त्वपूर्ण कार्य आरम्भ करने से बचें। यात्रा, निवेश, विवाह-विचार, गृह-प्रवेश इस समय न करें। गण्ड मूल भी आज सम्पूर्ण दिन है, अतः बड़े निर्णय विशेष सावधानी से लें।

🌙 20 मार्च 2026 — राशि और नक्षत्र

विवरणराशि / नक्षत्रसमय
मूनसाइन (चन्द्र राशि) — पूर्वमीन (Pisces)02:27 प्रातः तक (21 मार्च)
मूनसाइन — बाद मेंमेष (Aries)02:27 प्रातः के बाद
सूर्य राशि (Sunsign)मीन (Pisces)
चन्द्र नक्षत्र — पूर्वरेवती09:42 प्रातः तक
चन्द्र नक्षत्र — बाद मेंरेवती (Pada 2)03:18 दोपहर तक
नक्षत्र पादरेवती → अश्विनी02:27 प्रातः से
सूर्य नक्षत्रउत्तर भाद्रपद
सूर्य पादउत्तर भाद्रपद02:27 प्रातः तक → अश्विनी

रेवती नक्षत्र बुध ग्रह के अधिपत्य में है और यह पोषण, यात्रा एवं समाप्ति का सूचक है। अश्विनी नक्षत्र केतु के अधिपत्य में आता है — यह नई शुरुआत, गति और चिकित्सा का प्रतीक है। रेवती से अश्विनी की सन्धि होने से आज नये कार्य प्रारम्भ करना विशेष फलदायी हो सकता है, परन्तु गण्ड मूल का ध्यान अवश्य रखें।

📆 हिंदू कैलेण्डर एवं संवत विवरण — 20 मार्च 2026

कैलेण्डर विवरणमान
विक्रम संवत2083 सिद्धार्थी
शक संवत1948 परिधावी
गुजराती संवत2082 पिंगल
चन्द्रमासचैत्र – पूर्णिमान्त
सूर्यमासमीन
कलियुग वर्ष5127
कलि अहर्गण1,872,654 दिन
लहरी अयनांश24.230017
रेटा डाई (Rata Die)739,695

आज का दिन विक्रम संवत 2083 में आता है। जल्द ही हिंदू नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का आगमन होने वाला है। हिंदू कैलेण्डर 2026 की सम्पूर्ण जानकारी के लिए हमारा विस्तृत लेख पढ़ें।

🌿 ऋतु एवं अयन — 20 मार्च 2026

विवरणमान
दृक ऋतुवसन्त (Spring)
वैदिक ऋतुवसन्त (Spring)
दृक अयनउत्तरायण
वैदिक अयनउत्तरायण
मध्याह्न12:29 दोपहर

आज वसन्त ऋतु का सुहावना मौसम है और दिन-रात लगभग बराबर हैं। उत्तरायण काल में देवता जागृत अवस्था में माने जाते हैं, अतः पूजा-पाठ और तीर्थ यात्रा के लिए यह काल अत्यन्त उत्तम है। चार धाम यात्रा 2026 की योजना बनाने के लिए अभी से तैयारी शुरू करें।

🧭 दिशा शूल, निवास और शूल — 20 मार्च 2026

विवरणदिशा / स्थानटिप्पणी
होमाहुति (सूर्य)पश्चिम (West)दिशा शूल — यात्रा से बचें
अग्निवास (आकाश)उत्तर (02:30 तक) → पूर्व (02:27 से)
अग्निवास (पाताल/नाडी)पूर्व (02:27 से पूर्णरात्रि)
शिवावास (गौरी सहित)दक्षिण-पूर्व
राहु वासदक्षिण-पूर्व
कुम्भ चक्रपूर्व ❌इस दिशा से यात्रा न करें

🧭 दिशा शूल: आज शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा अशुभ मानी जाती है। यदि अत्यन्त आवश्यक हो तो घर से निकलने से पहले दही-चीनी खाकर और भगवान का स्मरण करके निकलें।

🔱 20 मार्च 2026 का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व

शुक्रवार — माँ लक्ष्मी का दिन

शुक्रवार को माँ लक्ष्मी और सन्तोषी माता की उपासना का विशेष विधान है। शुक्र ग्रह धन, ऐश्वर्य, प्रेम और सौन्दर्य का कारक है। आज श्री सूक्त का पाठ, लक्ष्मी चालीसा और कनकधारा स्तोत्र का पाठ अत्यन्त फलदायी होगा। घर की पूजा में सफेद या पीले फूल, मिठाई, और घी का दीपक जलाएँ।

शुक्ल द्वितीया / तृतीया — विशेष महत्व

शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि चन्द्र देव को समर्पित है और तृतीया तिथि माँ गौरी (पार्वती) को। यह तिथि सुहागिन स्त्रियों के लिए विशेष रूप से पवित्र है। शुक्ल तृतीया को सुहाग सामग्री, चूड़ी और हरी वस्तुएँ माँ पार्वती को अर्पित करने की परम्परा है।

चैत्र नवरात्रि की तैयारी

आज से कुछ ही दिनों बाद चैत्र नवरात्रि 2026 आरम्भ होने वाली है। घटस्थापना की तैयारी अभी से शुरू करें। चैत्र नवरात्रि 2026 — पूजा विधि, कलश स्थापना मुहूर्त और 9 देवी के बारे में हमारा सम्पूर्ण लेख पढ़ें। Chaitra Navratri 2026: Dates, Ghatasthapana Muhurat & 9 Forms of Goddess Durga (English में भी पढ़ें)।

हिंदू नव वर्ष का आगमन

विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी का यह अन्तिम काल है। शीघ्र ही हिंदू नव वर्ष और राम नवमी का उत्सव आयेगा। Happy Navratri 2026 — हिंदू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ पढ़ें।

👑 मन्त्री मण्डल — विक्रम संवत 2083

पदग्रहक्षेत्र
राजा (King)गुरु (बृहस्पति)
मन्त्रीमंगलमन्त्रिमण्डल
सेनाधिपतिचन्द्रकमाण्डर-इन-चीफ
धान्याधिपतिबुधखरीफ फसल
मेघाधिपतिचन्द्रवर्षा एवं बादल
धनाधिपतिगुरुधन एवं अर्थव्यवस्था
निरसाधिपतिगुरुधातु एवं खनिज
रसाधिपतिशनिरस एवं द्रव पदार्थ
फलाधिपतिचन्द्रफल एवं पुष्प

🕉️ आनन्दादि एवं तमिल योग — 20 मार्च 2026

योगस्थितिसमय
आनन्दादि योगश्रीवत्स (02:27 तक) → शुभ
तमिल योगसिद्ध (02:27 तक) → शुभ
जीवनामनिर्जीव (02:27 तक)
नेत्रमाअन्ध (02:27 तक)
वज्रसम्पूर्ण दिन
मरण02:27 के बाद

🪔 आज के लिए विशेष पूजा उपाय — शुक्रवार 20 मार्च 2026

माँ लक्ष्मी प्रसन्नता हेतु

आज सूर्यास्त से पूर्व घर की स्वच्छता करें और मुख्य द्वार पर गेंदे के फूल की माला लगाएँ। माँ लक्ष्मी के समक्ष कमल के फूल या गुलाबी फूल अर्पित करें। श्री सूक्त का पाठ करें और घी का दीपक जलाएँ।

ब्रह्म मुहूर्त में उठें

आज ब्रह्म मुहूर्त (04:50 – 05:38 प्रातः) में उठकर ध्यान-साधना करना अत्यन्त लाभकारी है। इस समय की गयी पूजा का फल सामान्य समय से कई गुना अधिक होता है। अपने घर में पूजा कक्ष बनाने के टिप्स के लिए पूजा रूम सेटअप गाइड 2026 देखें।

हनुमान चालीसा का पाठ

शुक्रवार को शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करना शनि के दुष्प्रभाव से रक्षा करता है। हनुमान चालीसा — सम्पूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ और पढ़ने के फायदे पढ़ें।


❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) — 20 मार्च 2026 पंचांग

Q1. 20 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?

20 मार्च 2026 को शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि रात 02:30 बजे तक है और उसके पश्चात् तृतीया तिथि आरम्भ होगी।

Q2. 20 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?

आज रेवती नक्षत्र प्रातः 02:27 बजे तक है। उसके बाद अश्विनी नक्षत्र आरम्भ होगा।

Q3. आज राहु काल कब है? (20 मार्च 2026)

शुक्रवार 20 मार्च 2026 को राहु काल प्रातः 10:58 से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा। इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं।

Q4. 20 मार्च 2026 को ब्रह्म मुहूर्त कब है?

आज ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 04:50 से 05:38 बजे तक रहेगा। यह पूजा, ध्यान और अध्ययन के लिए सर्वश्रेष्ठ समय है।

Q5. आज विजय मुहूर्त कब है?

20 मार्च 2026 को विजय मुहूर्त दोपहर 02:30 से 03:18 बजे तक है। नया कार्य, यात्रा या महत्त्वपूर्ण निर्णय के लिए यह उत्तम समय है।

Q6. 20 मार्च 2026 कौन सा हिंदू माह है?

आज फाल्गुन/चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी है।

Q7. शुक्रवार को किस देवता की पूजा करें?

शुक्रवार को माँ लक्ष्मी और सन्तोषी माता की पूजा विशेष फलदायी होती है। श्री सूक्त, लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और घी का दीपक जलाएँ।

Q8. आज गण्ड मूल है क्या?

हाँ, आज रेवती-अश्विनी नक्षत्र सन्धि के कारण गण्ड मूल सम्पूर्ण दिन है। इस दौरान नामकरण, विवाह जैसे बड़े कार्यों से बचें और विशेषज्ञ पण्डित से परामर्श लें।


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"जय माँ गंगे। हर हर महादेव।"