8 अप्रैल 2026 का पंचांग | गुरुवार | Aaj Ka Panchang 8 April 2026

8 अप्रैल 2026 गुरुवार का सम्पूर्ण पंचांग — तिथि सप्तमी/अष्टमी, नक्षत्र मूल/पूर्वाषाढ़ा, योग परिघ/शिव, राहु काल

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📚 8 अप्रैल 2026 का पंचांग

बुधवार  |  कृष्ण पक्ष  |  वैशाख मास  |  विक्रम संवत 2083

🌅 सूर्योदय

06:03 AM

🌇 सूर्यास्त

06:43 PM

🌕 चंद्रोदय

12:41 AM (9 Apr)

🌑 चंद्रास्त

09:45 AM

📿 पंचांग के पाँच तत्व

तत्वविवरणसमय / विशेषता
📅 तिथिषष्ठीसप्तमी
कृष्ण पक्ष
षष्ठी — 07:01 PM तक
सप्तमी — इसके बाद
🌟 नक्षत्रमूल
⚠️ गंड मूल नक्षत्र (पूरा दिन)
मूल — Full Night तक
✨ योगवरीयानपरिघवरीयान — 05:11 PM तक
परिघ — इसके बाद
⚠️ परिघ — अशुभ योग
🌙 करणवणिजविष्टिवणिज — 07:01 PM तक
विष्टि — Full Night तक
📆 वारबुधवारस्वामी: बुध | प्रविष्टे: 25

⚠️ महत्वपूर्ण: आज मूल नक्षत्र पूरे दिन है — गंड मूल का प्रभाव। अभिजीत मुहूर्त आज उपलब्ध नहीं (DrikPanchang: None)। परिघ योग (05:11 PM के बाद) — शाम को शुभ कार्य न करें। विष्टि (भद्रा) — रात में सावधान।

✅ शुभ मुहूर्त

मुहूर्तसमयउपयोग
🌅 ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:18 AMध्यान, पूजा
🌄 प्रातः संध्या04:55 AM – 06:03 AMसूर्य अर्घ्य
☀️ अभिजीत मुहूर्तआज उपलब्ध नहीं
🏆 विजय मुहूर्त02:30 PM – 03:20 PMमहत्वपूर्ण कार्य
🐄 गोधूलि मुहूर्त06:42 PM – 07:04 PMसंध्या पूजा
⭐ रवि योगपूरा दिनरवि योग — शुभ
💫 अमृत काल01:38 AM – 03:25 AM (9 Apr)रात्रि अनुष्ठान

❌ अशुभ काल

कालसमयकारण
🔴 राहु काल12:23 PM – 01:58 PMनया काम वर्जित
⚫ यमगंड07:38 AM – 09:13 AMयम का प्रभाव
⚫ गुलिक काल10:48 AM – 12:23 PMगुलिक प्रभाव
⚠️ दुर्मुहूर्त11:58 AM – 12:48 PMशुभ कार्य न करें
⚠️ विदाल योगपूरा दिनसतर्क रहें
⚠️ वर्जम02:52 PM – 04:40 PMअशुभ काल
⚠️ गंड मूलपूरा दिनमूल नक्षत्र का प्रभाव

🌍 राशि, नक्षत्र और संवत

विषयविवरण
🌙 चंद्र राशिधनु
☀️ सूर्य राशिमीन
🌟 सूर्य नक्षत्ररेवती
⏱️ दिन अवधि12 घंटे 39 मिनट 19 सेकंड
📊 प्रविष्टे25

🙏 आज का महत्व और उपाय — बुधवार, 8 अप्रैल 2026

बुधवार भगवान गणेश और बुध देव का दिन है। आज मूल नक्षत्र पूरे दिन है, इसलिए नए महत्वपूर्ण कार्य टालना उचित है। विजय मुहूर्त (02:30-03:20 PM) इस दिन का सबसे सुरक्षित शुभ समय है।

  • 🐘 गणेश जी को दूर्वा और मोदक अर्पित करें — "ॐ गं गणपतये नमः"
  • 💚 हरे वस्त्र धारण करें — बुध की कृपा के लिए
  • 📖 गणेश चालीसा का पाठ करें
  • 🌿 तुलसी का पौधा लगाएं या जल दें
  • 🔴 मूल नक्षत्र शांति के लिए — माँ दुर्गा की उपासना करें