आज का पंचांग: 6 मार्च 2026, शुक्रवार | दिल्ली पंचांग और भाई दूज विशेष

आज का पंचांग: 6 मार्च 2026, शुक्रवार, मुहूर्त, राहुकाल, शुभ और अशुभ महुर्त| दिल्ली पंचांग और भाई दूज विशेष

आज का पंचांग: 6 मार्च 2026, शुक्रवार | दिल्ली पंचांग और भाई दूज विशेष

6 मार्च 2026
को चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। होली के बाद आने वाली इस द्वितीया को 'भाई दूज' के रूप में मनाया जाता है। शुक्रवार का दिन होने के कारण आज धन की देवी माँ लक्ष्मी और यमराज व यमुना जी की पूजा का विशेष विधान है।

📅 दिल्ली पंचांग: 6 मार्च 2026 (शुक्रवार)

🌸 दिल्ली पंचांग: 6 मार्च 2026 🌸

चैत्र कृष्ण द्वितीया | भाई दूज (भ्रातृ द्वितीया)

तिलक मुहूर्त 01:10 PM – 03:25 PM
नक्षत्र (Nakshatra) हस्त (रात 02:08 तक)
अभिजीत मुहूर्त 12:10 PM – 12:56 PM
राहुकाल (Delhi) 11:03 AM – 12:30 PM

✅ शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

  • भाई दूज तिलक मुहूर्त: दोपहर 01:10 से दोपहर 03:25 तक (सर्वश्रेष्ठ समय)
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:56 तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:01 से 05:51 तक
  • अमृत काल: रात 08:51 से 10:32 तक

🚫 अशुभ समय (Avoid this time)

  • राहुकाल: सुबह 11:03 से दोपहर 12:30 तक
  • यमगण्ड: दोपहर 03:24 से शाम 04:52 तक

🚩 भाई दूज (भ्रातृ द्वितीया) का महत्व

​कथा के अनुसार, आज ही के दिन यमुना जी ने अपने भाई यमराज को अपने घर भोजन पर आमंत्रित किया था। यमराज ने प्रसन्न होकर वरदान दिया था कि जो भाई आज के दिन अपनी बहन के घर भोजन करेगा और तिलक लगवाएगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा।

आज के विशेष उपाय (Friday & Bhai Dooj Remedies):

  1. यमुना स्नान और दीपदान: आज संभव हो तो यमुना जी में स्नान करें या घर पर ही गंगाजल मिले जल से स्नान करें। शाम को यमराज के नाम का चौमुखी दीपक घर के बाहर जलाएं।
  2. लक्ष्मी प्राप्ति उपाय: शुक्रवार का दिन है, अतः आज माँ लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें और 'कनकधारा स्तोत्र' का पाठ करें।
  3. भाई के लिए प्रार्थना: बहनें भाई को तिलक करते समय 'ॐ यमाय नमः' का जाप करें और भाई को लंबी आयु का आशीर्वाद दें।

 सारांश 

आज का पंचांग (6 मार्च 2026):

  • तिथि: चैत्र कृष्ण द्वितीया (रात 01:28 तक)
  • त्योहार: भाई दूज (भ्रातृ द्वितीया)
  • तिलक मुहूर्त: दोपहर 01:10 से 03:25 तक
  • नक्षत्र: हस्त (रात 02:08 तक)

विशेष उपाय:

​आज भाई को तिलक लगाएँ और लंबी आयु की प्रार्थना करें। शाम को यमराज के नाम का चौमुखी दीपक घर के बाहर जलाएँ। माँ लक्ष्मी की पूजा करें।