आज का पंचांग 27 मार्च 2026 | शुक्रवार | तिथि नवमी, नक्षत्र पुनर्वसु, राहु काल, शुभ मुहूर्त | ShreeGangaSagar

27 मार्च 2026 शुक्रवार का सम्पूर्ण पंचांग – तिथि नवमी/दशमी, नक्षत्र पुनर्वसु/पुष्य, राहु काल 10:54 से 12:27 दोपहर, ब्रह्म मुहूर्त 04:44 से 05:30
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आज का पंचांग 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) — तिथि, नक्षत्र, राहु काल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

🙏 जय श्री गंगे! आज 27 मार्च 2026, शुक्रवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि है। शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की आराधना का विशेष महत्व है। इस लेख में 27 मार्च 2026 का सम्पूर्ण पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व विस्तार से पढ़ें।

⚡ आज का पंचांग — एक नज़र में

दिन
शुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी → दशमी
नक्षत्र
पुनर्वसु → पुष्य
योग
अतिगण्ड → सुकर्मा
करण
कौलव → तैतिल → गरज
पक्ष
शुक्ल पक्ष
सूर्योदय
06:17 प्रातः
सूर्यास्त
06:36 सायं
चन्द्रोदय
01:06 दोपहर
चन्द्रास्त
03:16 रात (28 मार्च)
चन्द्र राशि
मिथुन → कर्क (09:36 प्रातः तक)
विक्रम संवत
2083 सिद्धार्थी

📜 27 मार्च 2026 का सम्पूर्ण पंचांग

पंचांग तत्वविवरणसमयावधि
तिथिशुक्ल नवमी10:06 प्रातः तक
तिथि (बाद में)शुक्ल दशमीउसके बाद
नक्षत्रपुनर्वसु03:24 दोपहर तक
नक्षत्र (बाद में)पुष्यउसके बाद
योगअतिगण्ड10:10 प्रातः तक
योग (बाद में)सुकर्माउसके बाद
करणकौलव → तैतिल → गरज
वारशुक्रवार
पक्षशुक्ल पक्ष, चैत्र मासविक्रम संवत 2083

🌅 सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चन्द्र समय

घटनासमय
🌄 सूर्योदय06:17 प्रातः
🌇 सूर्यास्त06:36 सायं
🌕 चन्द्रोदय01:06 दोपहर
🌑 चन्द्रास्त03:16 रात (28 मार्च)
🌿 दिन की अवधि12 घंटे 18 मिनट 56 सेकेण्ड
🌙 रात की अवधि11 घंटे 39 मिनट 53 सेकेण्ड
☀️ मध्याह्न12:27 दोपहर

✅ 27 मार्च 2026 के शुभ मुहूर्त

🌟 आज के प्रमुख शुभ समय

मुहूर्तसमय
ब्रह्म मुहूर्त04:44 से 05:30 प्रातः
प्रातः सन्ध्यासूर्योदय से पहले
अभिजित मुहूर्त12:02 से 12:51 दोपहर
विजय मुहूर्त02:30 से 03:19 दोपहर
गोधूलि मुहूर्त06:35 से 06:58 सायं
अमृत काल01:05 से 02:38 दोपहर

💡 पूजा के लिए सर्वोत्तम समय: ब्रह्म मुहूर्त (04:44 से 05:30) में उठकर स्नान व ध्यान करें। विजय मुहूर्त (02:30 से 03:19) में महत्त्वपूर्ण निर्णय लें। चैत्र नवरात्रि 2026 आने वाली है — पूजा की तैयारी अभी शुरू करें।

⚠️ 27 मार्च 2026 के अशुभ समय

🚫 आज के अशुभ काल

अशुभ कालसमय
राहु काल ⚠️10:54 से 12:27 दोपहर
गुलिकाई कालम07:50 से 09:22
यमगण्ड03:31 से 05:04 दोपहर
दुर्मुहूर्त08:45 से 09:34

⚠️ राहु काल (10:54 से 12:27 दोपहर) में कोई भी शुभ या नया कार्य आरम्भ न करें। यात्रा, निवेश, विवाह-विचार, गृह-प्रवेश इस समय वर्जित हैं।

🌙 राशि और नक्षत्र — 27 मार्च 2026

विवरणराशि/नक्षत्रसमय
चन्द्र राशि (मूनसाइन)मिथुन → कर्क (09:36 प्रातः तक)
सूर्य राशि (Sunsign)मीन → मेष (संक्रमण)
चन्द्र नक्षत्रपुनर्वसु → पुष्य03:24 दोपहर तक
सूर्य नक्षत्रउत्तर भाद्रपद / रेवती
विक्रम संवत2083 सिद्धार्थी

🧭 दिशा शूल — 27 मार्च 2026

🧭 दिशा शूल: आज शुक्रवार को पश्चिम (शुक्रवार) दिशा में यात्रा अशुभ है। अत्यावश्यक हो तो दही-चीनी खाकर और भगवान का स्मरण करके निकलें।

🔱 27 मार्च 2026 का धार्मिक महत्व

शुक्रवार — माँ लक्ष्मी और सन्तोषी माता का दिन

शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की पूजा से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। श्री सूक्त, कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। घर की सफाई करें और कमल के फूल अर्पित करें।

शुक्ल दशमी — विजयदशमी सन्दर्भ

दशमी तिथि विजय और सफलता की सूचक है। यह दिन नये कार्य, शिक्षा और व्यापार आरम्भ के लिए उत्तम है।

चैत्र नवरात्रि — आगामी महापर्व

चैत्र नवरात्रि का महापर्व शीघ्र आ रहा है। चैत्र नवरात्रि 2026 — पूजा विधि और कलश स्थापना पढ़ें। Chaitra Navratri 2026 Complete Guide (English में) भी पढ़ें।


❓ FAQ — 27 मार्च 2026 पंचांग

Q1. 27 मार्च 2026 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल पक्ष नवमी 10:06 प्रातः तक, उसके बाद दशमी

Q2. 27 मार्च 2026 का नक्षत्र क्या है?

पुनर्वसु नक्षत्र 03:24 दोपहर तक, उसके बाद पुष्य नक्षत्र

Q3. 27 मार्च 2026 को राहु काल कब है?

10:54 से 12:27 दोपहर तक।

Q4. 27 मार्च 2026 को ब्रह्म मुहूर्त कब है?

प्रातः 04:44 से 05:30 बजे तक।

Q5. शुक्रवार को कौन सी पूजा करें?

शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की पूजा, श्री सूक्त पाठ और घी का दीपक जलाएँ।


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