आज का पंचांग 15 फरवरी 2026 दिल्ली – महाशिवरात्रि, तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

15 फरवरी 2026, रविवार का दिन बेहद खास और पवित्र है, क्योंकि आज महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जा रहा है।

आज का पंचांग 15 फरवरी 2026 दिल्ली – महाशिवरात्रि, तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

🗓 आज का पंचांग 15 फरवरी 2026 (दिल्ली)

तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और शुभ मुहूर्त

15 फरवरी 2026, रविवार का दिन बेहद खास और पवित्र है, क्योंकि आज महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जा रहा है। आज फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि और श्रवण नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है।

यहाँ आज का सटीक पंचांग और शुभ मुहूर्त की विस्तृत जानकारी दी गई है:

📅 पंचांग विवरण (दिल्ली अनुसार)(Basic Info)


📅 दैनिक पंचांग विवरण (दिल्ली अनुसार)
📆दिनांक 15 फरवरी 2026
📍स्थान दिल्ली, भारत
🗓वार रविवार (सूर्य देव का दिन)
🌙पक्ष कृष्ण पक्ष
🪔तिथि त्रयोदशी (शाम 04:58 तक), फिर चतुर्दशी (महाशिवरात्रि)
नक्षत्र श्रवण (रात 08:04 तक), फिर धनिष्ठा
🔆योग व्यतिपात (अगले दिन 02:44 AM तक)
🔔करण गर (शाम 04:58 तक)
🕉मास फाल्गुन
ऋतु शिशिर
☀️अयन उत्तरायण
🚩विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त)
📜शक संवत 1947 (विश्वावसु)

शुभ और अशुभ समय (Muhurat & Timing)

⏳ शुभ और अशुभ समय (Muhurat & Timing)
🌅 सूर्योदय सुबह 06:59
🌇 सूर्यास्त शाम 06:11
✨ अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:58 तक
🧘 ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:18 से 06:09 तक
🚫 राहुकाल (अशुभ) शाम 04:47 से 06:11 तक
🔱 निशिता काल (पूजा) रात 12:09 से 01:00 तक (16 Feb)

🕉 आज का धार्मिक महत्व (Significance)

महाशिवरात्रि 2026 विशेष (Mahashivratri Significance)

आज भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का उत्सव मनाया जाता है। रविवार का दिन होने के कारण आज शिव पूजा के साथ सूर्य उपासना का भी विशेष फल मिलेगा।

चार प्रहर की पूजा का समय (Four Prahars of Puja):

1. प्रथम प्रहर: शाम 06:11 से रात 09:24 तक

2. द्वितीय प्रहर: रात 09:24 से रात 12:37 (16 Feb) तक

3. तृतीय प्रहर: रात 12:37 से सुबह 03:49 (16 Feb) तक

4. चतुर्थ प्रहर: सुबह 03:49 से सुबह 07:02 (16 Feb) तक

आज के विशेष सुझाव

महाशिवरात्रि व्रत: आज भक्त निर्जला या फलाहार व्रत रखकर महादेव का अभिषेक करते हैं।

शिवलिंग अभिषेक: आज दूध, गंगाजल, शहद और पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।

बिल्व पत्र: भगवान शिव को 'ॐ नमः शिवाय' जपते हुए 108 बेलपत्र अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

क्या आप महाशिवरात्रि की व्रत कथा या पारण (व्रत खोलने) के समय के बारे में जानना चाहते हैं?