आज का पंचांग 13 फरवरी 2026 दिल्ली | तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल
🗓 आज का पंचांग 13 फरवरी 2026 (दिल्ली)
तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और शुभ मुहूर्त
यदि आप 13 फरवरी 2026 का दिल्ली का पंचांग जानना चाहते हैं, तो यहाँ आपको आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और शुभ-अशुभ समय की पूरी जानकारी मिलेगी।
13 फरवरी 2026, शुक्रवार का पंचांग अत्यंत विशेष है क्योंकि इस दिन विजया एकादशी, कुंभ संक्रांति और भीष्म द्वादशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
📅 पंचांग विवरण (दिल्ली अनुसार)(Basic Info)
- 📆 दिनांक: 13 फरवरी 2026
- 📍 स्थान: दिल्ली, भारत
- 🗓 वार: शुक्रवार माता लक्ष्मी और शुक्र देव का दिन
- 🌙 पक्ष: कृष्ण पक्ष
- 🪔 तिथि: एकादशी दोपहर 02:25 तक (इसके बाद द्वादशी प्रारंभ)
- ⭐ नक्षत्र: मूल शाम 04:12 तक (इसके बाद पूर्वाषाढा)
- 🔆 योग: वज्र योग अगले दिन (14 Feb) सुबह 03:23 तक (इसके बाद सिद्धि योग)
- 🔔 करण: बालव दोपहर 02:25 तक
- मास: फाल्गुन (अमान्त/पूर्णिमान्त)
- ऋतु: शिशिर
- अयन: उत्तरायण
- विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
शुभ और अशुभ समय (Muhurat & Timing)
- सूर्योदय : सुबह 07:01
- सूर्यास्त : शाम 06:11
- अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:13 से 12:58 तक (शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ)
- ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 05:18 से 06:10 तक
- राहुकाल : सुबह 11:12 से दोपहर 12:35 तक (अशुभ - इसमें शुभ कार्य न करें)
- सर्वार्थ सिद्धि योग : सुबह 07:01 से शाम 07:48 तक
🕉 आज का धार्मिक महत्व (Significance)
1. विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi)
आज के दिन का सबसे बड़ा महत्व विजया एकादशी व्रत है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम ने लंका पर विजय पाने के लिए इसी एकादशी का व्रत किया था। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह एकादशी शत्रुओं पर विजय और कार्यों में सफलता दिलाने वाली मानी जाती है।
2. कुंभ संक्रांति (Kumbha Sankranti)
आज सूर्य देव मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान और दान का अक्षय फल मिलता है।
3. भीष्म द्वादशी (Bhishma Dwadashi)
चूंकि एकादशी दोपहर में समाप्त हो रही है, इसलिए भीष्म द्वादशी का प्रभाव भी आज से शुरू हो जाएगा। यह दिन पितामह भीष्म को श्रद्धांजलि देने और पितृ दोष से मुक्ति के लिए उत्तम है।
4. ज्योतिषीय स्थिति
- चंद्रमा: आज पूरा दिन और रात धनु राशि में संचरण करेंगे।
- गंडमूल: शाम 04:12 तक गंडमूल नक्षत्र (मूल) का प्रभाव रहेगा।
🙏 आज क्या करें?
आज भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें। एकादशी के कारण आज चावल का सेवन वर्जित माना जाता है।
क्या आप इस दिन की पूजा विधि या विजया एकादशी की व्रत कथा के बारे में जानना चाहेंगे?
