आज का पंचांग 16 मार्च 2026 — सोमवार | तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, शुभ मुहूर्त | Shree GangaSagar
16 मार्च 2026 सोमवार का सम्पूर्ण पंचांग — द्वादशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, राहुकाल 8:00-9:30, अभिजित मुहूर्त, सोम प्रदोष व्रत। आज क्या करें, क्या न करें
📅 आज का पंचांग — नई दिल्ली
सोमवार, 16 मार्च 2026
फाल्गुन कृष्ण पक्ष • द्वादशी • विक्रम संवत 2082 कलायुक्त
🙏 आज: सोम प्रदोष व्रत • पापमोचनी एकादशी परणा
Advertisement
🌅 सूर्योदय
06:30 AM
🌇 सूर्यास्त
06:30 PM
🌙 चन्द्रोदय
05:25 AM (17 मार्च)
📿 आज का पंचांग विवरण
तिथि
द्वादशी
09:40 AM तक
नक्षत्र
धनिष्ठा
06:22 AM तक (17 मार्च)
योग
शिव
09:37 AM तक
करण
तैतिल / गर
तैतिल 09:40 AM तक • गर 09:37 PM तक
वार
सोमवार
शिव का दिन — व्रत श्रेष्ठ
सूर्य राशि / चन्द्र राशि
मीन / मकर
मकर 06:14 PM तक
शक संवत
1947 विश्वावसु
फाल्गुन मास — अमांत
विक्रम संवत
2082 कलायुक्त
पूर्णिमांत: चैत्र
Advertisement
⏰ शुभ-अशुभ काल — आज का
🚫 राहुकाल
08:00 AM — 09:30 AM
इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं
⚠️ गुलिकाकाल
02:00 PM — 03:30 PM
महत्वपूर्ण कार्य न करें
⚠️ यमगण्ड
11:00 AM — 12:30 PM
यात्रा और नया कार्य वर्जित
✅ अभिजित मुहूर्त
12:06 PM — 12:54 PM
सबसे शुभ — कोई भी कार्य करें
✅ अमृतकाल
07:47 PM — 09:24 PM
पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ
🕐 दुर्मुहूर्त
12:54 PM — 01:42 PM
नए कार्य की शुरुआत न करें
🕐 वर्ज्यम
10:00 AM — 11:38 AM
विशेष सावधानी रखें
🌅 प्रविष्ट/गेट
गेट 2
द्वार संख्या 2 — यात्रा के लिए
🙏 आज के व्रत और पर्व
सोम प्रदोष व्रत — सोमवार को आने वाला प्रदोष व्रत शिव भक्तों के लिए सर्वाधिक पुण्यकारी माना जाता है। शाम को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल (06:30 PM से 08:30 PM) में भगवान शिव का अभिषेक करें। "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें। यह व्रत रखने वाले को शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
पापमोचनी एकादशी परणा — कल (15 मार्च) की पापमोचनी एकादशी का व्रत आज परणा से पूर्ण होगा। परणा का समय: सूर्योदय 06:30 AM के बाद — द्वादशी तिथि समाप्ति 09:40 AM से पहले। परणा में तुलसी जल, फल और अन्न ग्रहण करें।
🌟 आज का शुभ मुहूर्त
✅ सर्वश्रेष्ठ
अभिजित मुहूर्त
12:06 PM — 12:54 PM
✅ पूजा के लिए
अमृतकाल
07:47 PM — 09:24 PM
✅ प्रदोष पूजा
सूर्यास्त के बाद
06:30 PM — 08:30 PM
🚫 वर्जित
राहुकाल
08:00 AM — 09:30 AM
🚫 वर्जित
गुलिकाकाल
02:00 PM — 03:30 PM
⚠️ सावधान
दुर्मुहूर्त
12:54 PM — 01:42 PM
💡 आज क्या करें — क्या न करें
- ✅सोम प्रदोष के कारण आज भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है — सुबह स्नान के बाद "ॐ नमः शिवाय" का 108 बार जाप करें।
- ✅पापमोचनी एकादशी परणा — 09:40 AM से पहले तुलसी जल और फल लेकर व्रत खोलें।
- ✅अभिजित मुहूर्त (12:06–12:54 PM) में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य शुरू करें — नया व्यापार, संविदा, यात्रा सब शुभ।
- ✅शाम को प्रदोष काल में शिव मंदिर जाएँ या घर पर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाएँ।
- 🚫राहुकाल (8:00–9:30 AM) में कोई भी नया कार्य शुरू न करें — यात्रा, खरीद-बिक्री वर्जित।
- 🚫गुलिकाकाल (2:00–3:30 PM) में महत्वपूर्ण बैठकें और financial decisions न लें।
- 💛सोमवार और द्वादशी का संयोग — गोदान, अन्नदान और जलदान आज विशेष फलदायी है।
- 💛धनिष्ठा नक्षत्र संगीत और कला कार्यों के लिए शुभ है — आज सृजनात्मक कार्य करें।
✦ आज का मंत्र — सोमवार, सोम प्रदोष ✦
ॐ नमः शिवाय।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
हे त्रिनेत्र शिव! हम आपकी पूजा करते हैं जो सुगन्धित और पुष्टिप्रद हैं। जैसे ककड़ी अपनी लता से मुक्त होती है, उसी तरह हमें मृत्यु से मुक्त करें — अमृत की ओर ले जाएँ।

वार्तालाप में शामिल हों