प्यार का इजहार करने वाली शायरी | इकरार शायरी love proposal
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ढाई अक्षर की बात कहने में .....
कितनी तकलीफ़ उठा रखी है,
आपने ‘आँखों‘ में छुपा के रखी है .....
मैंने होंठों में दबा के रखी है....
प्यार के इजहार का शायराना अंदाज
अनजान बनते हो
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जानते हो सब फिर भी अनजान बनते हो,
इस तरह क्यों हमे परेशान करते हो,
पूछते हो तुम्हे क्या क्या पसंद है,
जवाब खुद हो फिर भी सवाल करते हो।
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आंसू हैं आंखों में पर बह नहीं सकते,
दुनिया वालों से डरते हैं इसलिए कुछ कह नहीं सकते,
पर ये तो आप भी समझते ही होंगें,
कि हम आपके बिना रह नहीं सकते।
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तुझे देखना मेरी आदत बन चुकी है,
बात करना तुझसे मेरी चाहत बन चुकी है,
मरते दम तक भुला नहीं सकूंगा मैं तुझे,
क्योंकि तू मेरी इबादत बन चुकी है।
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एक लम्हा थे तुम...
दिन, महीने, साल, सदी बन गए हो...
कतरा सा इश्क़ क्या हुआ...
मुहब्बत की नदी बन गए हो...
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हमारी नींद की हसरत तो देखो...!!
तुम्हे तकिया बनाना चाहती है....!!
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ढाई अक्षर की बात कहने में .....
कितनी तकलीफ़ उठा रखी है,
आपने ‘आँखों‘ में छुपा के रखी है .....
मैंने होंठों में दबा के रखी है ...
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छोटी-सी दुआ है खुदा से ,
जिन लम्हों में आप हँसते हैं,
वो कभी खत्म ना हो..!!
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ये मुस्कुराहटें तेरी दास्ताये सुनाती है,
मोहब्बत है तुझे भी किसीसे ये आंखे बता देती है
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आँखों में देख कर वो दिल की हकीकत जानने लगे।
उनसे कोई रिश्ता भी नहीं फिर भी अपना मानने लगे।
बन कर हमदर्द कुछ ऐसे उन्होंने हाथ थामा मेरा।
कि हम खुदा से दर्द की दुआ मांगने लगे।
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उनकी मोहब्बत का अब कैसे हिसाब करें...
पगली गले लगा के कहती है...
आप बड़े खराब हैं...!!(i miss u)
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इकरार मोहब्बत का सौ बार नहीं करते,
ये किसने कहा तुमसे हम प्यार नहीं करते,
आंखों में बसे हो तुम सांसों में बसे हो तुम,
ये बात अलग है कि हम इजहार नहीं करते।
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वो एक झूठे पास्ट पे फिदा हो गये,
उनका फ्यूचर संवारने में हम खो गये,
जब इजहार करने उनके पास पहुंचे ,
तब वो बोले लौट जाओ हम किसी और के हो गये।
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हमसे करे वो प्यार
इजहार किसी और से करे....
खुदा करे वो इजहार जिससे करे,
वो भी प्यार किसी और से करे ।
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मेरी शायरी मेरे तजुर्बे का इजहार है और कुछ भी नहीं...
सोचता हूं कोई तो संभल जायेगा मुझे पढ़ने के बाद।